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कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो क्या करें? What to do if you have symptoms of corona virus (In Hindi)?

Corona के लक्षण पहचानिये: 


कोरोना के मरीज़ों में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं - हल्के लक्षणों से लेकर गंभीर बीमारी तक। वायरस के संपर्क में आने के 2-14 दिन बाद तक लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर ये लक्षण दिखाई दें तो कोरोना हो सकता है:

• बुखार या ठंड लगना
• सूखी खांसी
• सांस लेने में कठिनाई
• थकान व मांसपेशियों या शरीर में दर्द
• सरदर्द
• स्वाद या गंध महसूस न कर पाना
• गले में ख़राश
• सीने में कसावट या बहती नाक
• उलटी अथवा मितली
• दस्त

हालाँकि इस सूची में सभी संभावित लक्षण शामिल नहीं हैं। नए लक्षण मिलने पर सम्बंधित सरकारी विभाग इस सूची को update करते जा रहे हैं।

अस्वस्थ महसूस करने पर क्या करें ?

१. सबसे पहले अपने डॉक्टर से अपने लक्षणों के बारे में बात करें और अगर डॉक्टर सलाह दे तो तुरंत कोरोना जाँच कराएं।

२. चिकित्सकीय परामर्श लेने के अलावा किसी भी काम से घर से बाहर न निकलें।

३. कोरोना से संक्रमित अधिकांश लोगों को हल्की बीमारी होती है और वे बिना चिकित्सा देखभाल के घर पर ठीक हो सकते हैं। अगर मामूली तौर पर बीमार हैं तो घर पर रहते हुए ही डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।

४. खुद को सबसे अलग रखें। जितना संभव हो, एक विशिष्ट कमरे में रहें और अपने घर के अन्य लोगों और पालतू जानवरों से दूर रहें। यदि संभव हो, तो आपको एक अलग bathroom उपयोग करना चाहिए। यदि आपको घर के भीतर या बाहर अन्य लोगों या जानवरों के आसपास रहना पड़े तो एक कपड़े या मास्क से चेहरा ढंकें।

५. अपना ख़्याल रखें, आराम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें इससे आप बेहतर महसूस करेंगे।

६. किसी सार्वजनिक स्थल पर बिलकुल न जाएं। सार्वजनिक परिवहन से बचें।

७. अपने लक्षणों पर नज़र रखें:
• बुखार, खाँसी या अन्य लक्षण जैसा कि ऊपर बताया गया है।
• अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें। आपके स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी आपके लक्षणों की जाँच करने और सम्बंधिन विभाग को सूचना देने के निर्देश दे सकते हैं।

यदि आप गलती से किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में हैं जो कोरोना संक्रमित है:

तुरंत अपने आप को अलग कर लें और अपने चिकित्सक से परामर्श करें कि क्या आपको COVID परीक्षण कराने की आवश्यकता है। डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें और उसके अनुसार कार्रवाई करें।

आपातकालीन चिकित्सा सेवा की आवश्यकता कब है ?

यदि COVID-19 का इनमें से कोई भी लक्षण* प्रभावी रूप से दिखे तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें:
• साँस लेने में कठिनाई
• छाती में लगातार दर्द या दबाव
• जागने या रहने में असमर्थता
• नीले होंठ या चेहरा
* इस सूची में सभी संभावित लक्षण नहीं हैं।



इन लक्षणों की जानकारी अपने डॉक्टर को विस्तार से दें यदि आपके डॉक्टर को लगता है कि आपको आपातकालीन चिकित्सा सेवा लेनी चाहिए, तो तुरंत इसके लिए कॉल करें।
नोट: अपने डॉक्टर से मिलने से पहले कॉल ज़रूर करें।
  • भारत का कोरोना वायरस हेल्पलाइन नंबर + 91-11-23978046 (टोल-फ्री हेल्पलाइन 1075 है), और विशेष ई-मेल आईडी ncov2019@gov.in है।
  • सरकार नागरिकों को 'आरोग्य सेतु (AAROGYA SETU)’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करने और उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए डाउनलोड ज़रूर करें। 
  • घबराएं नहीं, कोरोना जाँच और देखभाल की सुविधा वाले नजदीकी अस्पताल में जल्द से जल्द जाँच करवाएं। 
यदि आप कोरोना जांच में positive पाए जाते हैं तो क्या करें ?

• अस्पताल के निर्देशों के आधार पर या तो निर्धारित आइसोलेशन वार्ड में या अपने घर पर उपचार पूरा करें।
•  डॉक्टर से परामर्श के बाद अपने परिवार के सदस्यों की कोरोना जाँच करवाएं जिनके साथ आप रह रहे हैं।

यदि आप कोरोना जॉंच में संक्रमित नहीं पाए जाते हैं तो संभवतः आप उस समय संक्रमित नहीं थे जब आपका sample एकत्र किया गया था। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप संक्रमित नहीं होंगे। कोरोना जॉंच परिणाम का मतलब केवल यह है कि आपको परीक्षण के समय कोरोना नहीं था।
आपका कोरोना जाँच  परिणाम कुछ भी हो, आपको अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए निवारक उपाय करने चाहिए।

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