बकौल मियां जी "अफ़साना के जन्नत नशीं होने के बाद अब जी नहीं लगता।" और कोई उनका हमउम्र दोस्त हैरत से अगर मियां जी से पूछ बैठे "जी नहीं लगता मतलब?" तो बस कहने लगते हैं "जी नहीं लगता मतलब, यहाँ इस घर में, हर कोना कुछ खाली सा महसूस होता है। पूरी दुनिया खाली सी मालूम होती है।" आज अफ्शा बेगम का इंतक़ाल हुए पूरा महीना गुज़र गया मगर मियां जी खाना तो दूर ठीक से पानी भी नहीं पीते। यहीं कमरे में पड़े रहते हैं। उनकी बेगम ख़ुशक़िस्मत रहीं होंगी जो शौहर की गोद में आख़िरी साँस भरी। बड़ी ख़ुश मिजाज़ थीं, हरदिल अज़ीज़। कभी कोई शिकायत नहीं, न किसी का बुरा चाहा। हमेशा मियां जी की ख़िदमत करती रहीं। मियां जी को किसी ने कभी रोते न देखा होगा मगर उस दिन फूट फूट के रो पड़े। मानो देखने वाले का कलेजा ही निकल जाये। वैसे तो मियां जी ६० के पार हैं। बालों पर ख़िजाब का शौक बड़ा था मगर अब इन सब कामों में भी दिल नहीं लगता। अक़्सर पान से सुर्ख़ लाल होंठ अब सूखे पत्तो से मुरझाये रहते हैं और अफ्शा बेगम के जाने के बाद मायूस चेहरे पर झुर्रियों ने अपना घर सा बना लिया हो जैसे। हों भी क्यों न, वक़्त कम भी कहाँ...
जीवन शैली में छोटे बदलावों के बड़े और सकारात्मक प्रभाव (Positive effects of few small changes in our lifestyle)
हमारा आशियाना , जहां हम रहते हैं अपने अपनों के साथ , दिन भर के काम की थकान के बाद जहाँ आकर हमें सबसे ज़्यादा सुकून मिलता है , जहां पर बिताया हर पल हमारे मन के खली बक्से को खूबसूरत यादों से भर देता है , जिसमे रहने वालों से होता है हमें सबसे ज़्यादा प्यार और जिससे दूर रहने पर रहते हैं हम हर दम बेक़रार। ऐसे आशियाने को हम किसी की नज़र नहीं लगने देता चाहते और चाहते हैं कि हमारा आशियाना हमेशा खुशयों से भरा रहे और इसके लिए हमें सिर्फ इतना सुनिश्चित करना है कि हमारे आशियाने में रहने वाला हर एक सदस्य प्रसन्नचित्त रहे , स्वस्थ रहे। अगर सभी सदस्य healthy & happy होंगे तो हमारे घर का माहौल तो खुद-ब-खुद खुशनुमा हो जायेगा। इसके लिए हमें अपने जीवन में कुछ बदलाव लाने होंगे। आइये, ऐसे ही कुछ छोटे-छोटे बदलावों के बारे में बात करते हैं जो देखने-सुनने में शायद छोटे लगें पर हमारे जीवन पर बहुत बड़े और सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। दिन की शुरुआत : सकारात्मक बदलावों के बारे में चर्चा की शुरुआत करते हैं दिन के दिन के पहले काम यानि कि सुबह उठने से। एक दिन में सिर्फ २४ घंटे ही ...