इम्युनिटी क्या है और क्या हैं इम्युनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय? (What is immunity and how to boost immunity with the help of Auyrved? - In Hindi)
कोरोना महामारी के इस दौर में आप एक शब्द बहुत सुन रहे होंगे -'इम्युनिटी (Immunity)'। डॉक्टर और कोरोना के सभी जानकार इस बीमारी से लड़ने के लिए इम्युनिटी बढ़ाने पर ज़ोर दे रहे हैं। तो आइये आसान भाषा में समझते हैं, इम्युनिटी क्या है और इसे आयुर्वेदिक/घरेलू उपायों से कैसे बढ़ा सकते हैं?
आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोग जो दिखने में तो स्वस्थ लगते हैं लेकिन बहुत जल्दी-जल्दी बीमार हो जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण उनके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) का कमज़ोर होना है, जिसकी वजह से उनकी रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और खाँसी, ज़ुकाम जैसी छोटी बीमारियाँ तो उन्हें बार-बार घेर लेती हैं। जिस तरह से एक योद्धा तलवारबाज़ी में ढाल का प्रयोग करके ख़ुद को दुश्मन के वार से बचाता है उसी तरह से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता रोगों से लड़ने में हमारी मदद करती है। हमारे शरीर की रोगों से लड़ने की यह क्षमता ही हमारी 'इम्युनिटी' है।
अब सवाल यह उठता है कि अपने शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को मज़बूत कैसे बनाया जाये?
इस सवाल का जवाब हमारे देश की प्राचीन चिकित्सा पद्धिति 'आयुर्वेद' में ही छिपा है और सबसे अच्छी बात यह है कि हमारे घरों की रसोई आयुर्वेदिक औषधियों का खज़ाना है लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि पाश्चात्य सभ्यता से प्रभावित होकर हमने अपनी इस अमूल्य विरासत को भुला दिया है। आयुर्वेद न केवल रोगों की चिकित्सा करता है बल्कि रोगों की रोक-थाम भी करता है। आयुर्वेद भोजन तथा जीवनशैली में सरल परिवर्तनों के द्वारा रोगों को दूर रखने के उपाय सुझाता है।
निश्चित रूप से COVID-19 एक जानलेवा वायरस है और अभी तक इस बीमारी का कोई उपचार नहीं ढूंढा जा सका है लेकिन हम अपनी इम्युनिटी बढ़ा कर ख़ुद को इस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार कर ज़रूर सकते हैं। हमारा Immune System जितना मज़बूत होगा उतनी ही जल्दी हम इस बीमारी से उबर पाएंगे।
हम आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा सुझाये गए कुछ आसान उपाय आपके साथ साझा कर रहे हैं। अपनी सुविधानुसार इन सभी या कुछ सुझावों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप अपनी इम्युनिटी को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं :
- रोज़ सुबह उठकर लगभग आधे घंटे योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करें।
- पूरे दिन में जितनी बार संभव हो गुनगुना पानी ही पियें।
- भोजन पकाने में हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन आदि का प्रयोग करें।
- तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सौंठ और मुनक्का से बने काढ़े का दिन में एक या दो बार सेवन करें। इसमें गुड़ और नीम्बू का स्वादानुसार प्रयोग कर सकते हैं।
- 150 मि.ली. (लगभग एक छोटा गिलास) दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालकर खौलाएं फिर ठंडा करके दिन में एक या दो बार पियें।
- सुबह व शाम अपनी नाक में एक एक बूँद तिल/नारियल तेल या देसी घी की डालें।
- ऑयल पुलिंग करें: यह एक बहुत ही कारगर आयुर्वेदिक विधि है। मुँह में नारियल या सूरजमुखी का तेल को 10 से 15 मिनट तक घुमाते रहिये इससे तेल पतला होने लगता है। इसके बाद जब तेल पतला हो जाए तो इसे थूक दें। इससे आपके मुंह में मौजूद सभी प्रकार के बैक्टीरिया और विषाक्त पदार्थ तेल के साथ आसानी से बाहर निकल जाते हैं। अब ब्रश करके अपना मुंह अच्छी तरीके से साफ कर लें।
- रोज़ नियमित रूप से 6-7 घंटे की नींद लें।
आशा करते हैं कि इस लेख को पढ़कर आप रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) और इसे बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपायों के विषय में जान पाए होंगे। इस जानकारी को आप अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ ज़रूर साझा करें।



बहुत ही बढ़िया पोस्ट
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